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ENGLISH CLASS 10TH QUESTION PAPER 2016 (RBSE)
January 7, 2020
SOCIAL SCIENCE CLASS 10TH QUESTION PAPER 2016 (RBSE)
January 7, 2020

RAJASTHAN BOARD EXAMINATION, 2016

CLASS 10th

HINDI

समय: 3¼ घंटे                                                                                                                                                             अधिकतम अंक: 80


परीक्षाओं के लिए सामान्य निर्देश:-

1. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं। 

2. सभी प्रश्नों के अंक प्रश्न के सामने अंकित हैं। 


खण्डक 

प्र.1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-ः 

जीवन की सच्ची प्रगति स्वावलम्बन के द्वारा ही संभव है। यदि हमारे मन में अपना कार्य करने का उत्साह नहीं है, अपने ऊपर विश्वास नहीं है, आलस्य ने हमारी कार्य शक्ति को पंगु बना दिया है तो फिर कैसे हमारे जीवन के कार्य पूरे हो सकेंगे? ऐसी स्थिति में हम अपने आपको किसी भी कार्य को करने में असमर्थ पाएंगे। समाज, राष्ट्र और संसार के लिए तो हम कर ही क्या सकेंगे, स्वयं अपने लिए भी भार स्वरूप हो जाएंगे। यह बात विचारणीय है कि संसार में जो इतने महान कार्य हुए हैं, क्या उनके पीछे स्वावलम्बन की सुदृढ़ शक्ति नहीं थी? यदि परावलम्बी पुरुषों की भांति सभी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते, अकर्मण्यता, आलस्य और दूसरों के सहारे जीने की भावना लिए रहते तो मानव समाज की इतनी प्रगति क्या संभव थी? इसीलिए तो संसार के सभी महापुरुष स्वावलंबन के पुजारी थे। अपने हाथों से ही उन्होंने अपने महान जीवन का द्वार खोला था। अब्राहम  लिंकन, महात्मा गांधी, ईश्वर चन्द्र विद्या सागर आदि महापुरुषों से कौन अपरिचित है? उन्होंने स्वावलम्बन के अमृत को पीकर ही अमरता प्राप्त की थी। इसी कारण वे आज मर कर भी जीवित हैं। 

(क) उपर्युक्त गद्यांश का शीर्षक लिखिए।  

(ख) व्यक्ति समाज के लिए भार कब बन जाता है?  

(ग) समाज की प्रगति किन बातों पर निर्भर करती है?  

(घ) महापुरुषों ने किस प्रकार अपने जीवन को सफल बनाया?  

 

प्र.2. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्व क पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:- 

रणभेरी सुन, कह ‘विदा’-‘विदा’ 

जब सैनिक पुलक रहे होंगे। 

हाथोें में कुमकुम थाल लिए 

कुछ जल कण ढुलक रहे होंगे। 

कर्तव्य-प्रेम की उलझन में, 

पथ भूल न जाना पथिक कहीं।। 

वेदी पर बैठा महाकाल, 

जब नर बलि चढ़ा रहा होगा। 

बलिदानी अपने ही कर से, 

निज मस्तक बढ़ा रहा होगा। 

उस बलिदान-प्रतिष्ठा में, 

पथ भूल न जाना पथिक कहीं।। 

कुछ मस्तक कम पड़ते होंगे, 

जब महाकाल की माला में। 

माँ! माँग रही होगी आहुति, 

जब स्वतन्त्रता की ज्वाला में। 

पल भर भी पड़ असमंजस में, 

पथ भूल न जाना पथिक कहीं।। 

(क) उपर्युक्त काव्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।  

(ख) य़ु़द्ध की रणभेरी सुनकर सैनिकों की क्या प्रतिक्रिया होती है?  

(ग) ‘कर्तव्य-प्रेम की उलझन में’ पंक्ति से आपका क्या आशय है?  

(घ) जब स्वदेश बलिदान मांग रहा हो तो हमारा क्या कर्तव्य है?  

अथवा

आज भी विश्वास मेरा, तुम बहुत हो काम के, 

तुम बदल सकते हो नक्शे, आज फिर आवाम के। 

पर जरा नीचे पधारो और पश्चाताप कर लो, 

घर करो मजबूत पहले औ दिलों को साफ कर लो।। 

मोह छोड़ो कुर्सियों का,

सांस लो-अवकाश लो,

फिर नयी ताकत जुटाओ,

देश का विश्वास लो।

आस्था का देश है यह,

सौ गुना फिर पाओगे,

यह मुहूरत टल गया तो देखना पछताओगे।।

इसलिए फिर कह रहा हूँ ……………. महल से नीचे पधारो,

देश फिर वंदन करेगा,

फिर वही अर्चन करेगा,

और अभिनंदन करेगा। 

(क) उपर्युक्तपद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए। 

(ख) कवि क्या कह कर युवाओं को प्रोत्साहित कर रहा है? 

(ग) पछताने की स्थिति से बचने के लिए कवि किस बात की प्रेरणा देता है?

(घ) रेखांकित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। 

 

खण्ड-ख 

प्र.3. दिए गए बिंदुओं के आधार पर निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 300 शब्दों में निबंध लिखिए:-

(क) पर्यावरण संरक्षण: हमारा दायित्व 

    (I) पर्यावरणः जीवन का मूल आधार 

    (II) पर्यावरण संरक्षण का महत्व 

    (III) पर्यावरण प्रदूषण के दुष्परिणाम 

    (IV) जन चेतना: हमारा दायित्व 

    (V) उपसंहार 

(ख) राष्ट्र के प्रति हमारा दायित्व 

   (I) राष्ट्र का स्वरूप 

   (II) नैतिक और कानूनी दायित्व 

   (III) राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा 

   (IV) राष्ट्र: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में 

   (V) उपसंहार 

(ग) बढती मंहगाई: दुखद जीवन 

   (I) मंहगाई का तांडव 

   (II) मंहगाई के कारण 

   (III) मंहगाई के दुष्प्रभाव 

   (IV) मंहगाई रोकने के उपाय 

   (V) उपसंहार 

(घ) राजस्थान में गहराता जल संकट 

   (I) जल का महत्व 

   (II) जलाभाव का परिणाम 

   (III) जल की उपलब्धता 

   (IV) भावी जल संकट 

   (V) उपसंहार 

 

प्र.4. स्वयं को भरतपुर निवासी अविनाश मानते हुए भरतपुर के नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी को सड़कों पर बढ़ रहे अतिक्रमण को नियंत्रित करने हेतु पत्र लिखिए। 

अथवा 

स्वयं को कपिल मानते हुए अपने क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को मुहल्ले में आए दिन होने वाली चोरियांे की शिकायत करते हुए एक पत्र लिखिए। 

प्र.5. (क) अमित ने अजय को अपना खिलौना दे दिया। वाक्य में कौन सी क्रिया है? उसकी परिभाषा लिखिए। 

        (ख) ‘महात्मा गांधी सदा सत्य बोलते थे।’रेखांकित पदों के पद-परिचय के दो-दो बिंदु लिखिए। 

        (ग) रचना की दृष्टि से वाक्य के कितने भेद होते हैं? उदाहरण देकर समझाइए। 

       (घ) (I) ‘नौ दो ग्यारह होना’ मुहावरे का अर्थ बताते हुए स्वरचित वाक्य में प्रयोग कीजिए। 

             (II) ‘काला अक्षर भैंस बराबर’ लोेकोक्ति का इस प्रकार से वाक्य में प्रयोग करें कि उसका अर्थ स्पष्ट हो जाए। 

       (ड.) ‘सत्य सनेह सील सुख सागर’ इस पंक्ति में प्रमुख अलंकार की पहचान कर उसकी परिभाषा लिखिए। 

 

खण्ड-ग 

प्र.6. निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:- 

एक के नहीं, 

दो के नहीं 

ढेर सारी नदियों के पानी का जादू: 

एक के नहीं, 

दो के नहीं 

लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा: 

एक की नहीं, 

दो की नहीं, 

हजार-हजार खेेतों की मिट्टी का गुणधर्म: 

फसल क्या है? 

और तो कुछ नहीं है वह 

नदियों के पानी का जादू है वह 

हाथों के स्पर्श की महिमा है 

भूरी-काली-संदली मिट्टी का गुणधर्म है 

रूपांतर है सूरज की किरणों का 

सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का। 

(क) फसल पैदा करने में किन-किन तत्वों का योगदान होता है?  

(ख) खेतों में लहलहाती हुई फसल को देखकर मानव के मन में क्या चित्र उभरता है? कल्पना के आधार पर उत्तर लिखिए।  

अथवा 

तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान 

धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य! 

चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य। 

इस अतिथि से प्रिय तुम्हारा क्या रहा संपर्क 

उंगलिया माँ की कराती हैं मधुपर्क 

देखते तुम इधर कनखी मार 

और होतीं जब कि आँखें चार 

तब तुम्हारी दंतुरित मुस्कान 

मुझे लगती बड़ी ही छविमान। 

(क) उपयुक्त पंक्तियों के आधार पर बताइए कि माँ को धन्य क्यों माना गया है?  

(ख) ‘और होतीं जब कि अंॉँखें चार’पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।  

 

प्र.7 निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन के उत्तर दीजिए:-(उत्तर सीमा प्रत्येक प्रश्न 40 शब्द) 

(क) कृष्ण ने मथुरा जाने के बाद उद्धव के माध्यम से गोपियों के पास जो संदेश भेजा उसकी गोपियों ने क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की?  

(ख) ‘आत्मकथ्य‘ कविता में कवि जयशंकर प्रसाद ने जीवन के यथार्थ एवं अभाव पक्ष की जो मार्मिक अभिव्यक्ति की है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।  

(ग) कवि गिरिजा कुमार माथुर ने ‘छाया छूना मत’कविता में क्या संदेश दिया है?  

(घ) राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद रचना के आधार पर बताइए कि मनुष्य को किन जीवन मूल्यों को अपनाने का संकेत किया गया है?  

 

प्र.8 निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:- 

फटिक सिलानि सौं सुधारयौ सुधा मंदिर, 

उदधि दधि को सो अधिकाइ उमगे अमंद। 

बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए ‘देव ‘, 

दूध को सो फेन फैल्यो आंगन फरसबंद। 

तारा सी तरूनि तामें ठाढी झिलमिली होति, 

मोतिन की जोति मिल्यो मल्लिका को मकरंद। 

आरसी से अंबर में आभा सी उजारी लगै, 

प्यारी राधिका कोे प्रतिबिंब सो लगत चंद।। 

(क) रेखांकित पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए?  

(ख) ’दूध को सो फेन’ फेन से कवि का क्या आशय है? 

(ग) सुन्दर चाँदनी के कारण आकाश का स्वरूप कैसा दिखाई दे रहा है?  

(घ) ‘आरसी से अंबर में आभा सी उजारी लगै’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?  

अथवा 

यश है या न वैभव है, मान है न सरमायाय 

जितना ही तू दौड़ा तू उतना ही भरमाया। 

प्रभुता का शरण-बिंब केव ल मृगतृष्णा है, 

हर चन्द्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है। 

जो है यथार्थ कठिन उसका तू कर पूजन- 

छाया मत छूना 

मन,होगा दुख दूना। 

दुविधा-हत साहस है, दिखता है पंथ नहीं, 

देह सुखी हो पर मन के दुख का अंत नहीं।

दुख है न चाँद खिला शरत-रात आने पर, 

क्या हुआ जो खिला फूल रस-बसंत जाने पर? 

जो न मिला भूल उसे कर तू भविष्य वरण,। 

(क) उपर्युक्त पंक्तियों में कवि मानव को क्या बोध कराना चाहता है?  

(ख) भौतिक वस्तुएं मानव को किस प्रकार भ्रमित करती हैं?  

(ग) ’हर चंद्रिका में छिपी रात एक कृष्णा है’ कहकर कवि क्या संदेश देता है?  

(घ) कवि गिरिजा कुमार माथुर के अनुसार जीवन को किस प्रकार जीना चाहिए?  

 

प्र.9. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:- 

और कुछ नहीं पूछ पाए हालदार साहब। कुछ पल चुपचाप खडे़ रहे, फिर पान के पैसे चुकाकर जीप में आ बैठे और रवाना हो गए। बार बार सोचते,क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देने वालों पर भी हंसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूढंती है। दुखी हो गए। पंद्रह दिन बाद फिर उसी कस्बे से गुज़रे। कस्बे में घुसने से पहले ही ख्याल आया कि कस्बे की हृदयस्थली में सुभाष की प्रतिमा अवश्य ही प्रतिष्ठापित होगी, लेकिन सुभाष की ऑंँखों पर चश्मा नहीं होगा।…………….क्योंकि मास्टर बनाना भूल गया।………….. और कैप्टन मर गया। सोचा, आज वहाँ रुकेंगे नहीं, पान भी नहीं खाएंगे, मूर्ति की तरफ देखेंगे भी नहीं, सीधे निकल जाएंगे। 

(क) हालदार साहब के दुखी होने का क्या कारण था?  

(ख) हालदार साहब कस्बे में क्यों नहीं रुकना चाहते थे?  

अथवा 

पढने लिखने में स्वयं कोई बात ऐसी नहीं जिससे अनर्थ हो सके। अनर्थ का बीज उसमें हरगिज नहीं। अनर्थ पुरुषों से भी होते हैं। अपढ़ों और पढे लिखों, दोनों से। अनर्थ, दुराचार और पापाचार के कारण और ही होते हैं और वे व्यक्ति विशेष का चाल-चलन देखकर जाने भी जा सकते हैं। अतएव स्त्रियों को अवश्य पढ़ाना चाहिए। 

जो लोग यह कहते हैं कि पुराने जमाने में यहाँ स्त्रियाँ न पढ़ती थीं अथवा उन्हें पढ़ने की मुमानियत थी वे या तो इतिहास से अभिज्ञता नहीं रखते या जान-बूझकर लोगों को धोखा देते हैं। समाज की दृष्टि में ऐसे लोग दंडनीय हैं क्यों कि स्त्रियों को निरक्षर रखने का उपदेश देना समाज का अपकार और अपराध करना है, समाज की उन्नति में बाधा डालना है। 

(क) समाज में अनर्थ होने के कारणों पर प्रकाश डालिए।  

(ख) समाज की दृष्टि में कैसे लोग दंडनीय होते हैं?  

 

प्र.10. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीें तीन प्रश्नों के उत्तर लिखिए। (प्रत्येक प्रश्न की उत्तर सीमा 40 शब्द) 

(क) बालगोबिन भगत रेखाचित्र सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार करता है। स्पष्ट कीजिए।  

(ख) फादर बुल्के को भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग क्यों कहा गया है?  

(ग) ‘एक कहानी यह भी’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि दकियानूसी विचारधारा जहाँ मन को हतोत्साहित करती है वहीं प्रगतिशील विचारधारा मानव मन को गर्वित करती है।  

(घ) लेखक महावीर प्रसाद द्विवेदी ने प्राचीन एवं वर्तमान शिक्षा प्रणाली मे क्या अंत र बताया है?  

 

प्र.11. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:-(उत्तर सीमा 40 शब्द) 

(क) ‘नेता जी का चश्मा’ पाठ में निहित देशभक्ति के संदेश को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।  

(ख) ‘‘नियमित और सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलदायी होती है‘‘। बिस्मिल्ला खाँ के आधार पर कथन की पुष्टि कीजिए।  

 

खण्ड-घ 

प्र.12. ‘बच्चे बचपन में निर्दोष, निर्भय और मस्त होते हैं, उन्हें परिणाम की चिन्ता नही होती’। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (उत्तर सीमा 80 शब्द) (4) 

अथवा 

हिरोशिमा पहुँचकर लेखक ने कैसा अनुभव किया? उनकी मनः स्थिति का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। (4) 

 

प्र.13. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:-(प्रत्येक की उत्तर सीमा 40 शब्द) 

(क) ’जार्ज पंचम की नाक’व्यंग्यात्मक कहानी में भारत सरकार की किस मनोवृत्ति पर व्यंग्य किया गया है?  

(ख) ‘मन काव्यमय हो उठा, सत्य और सौंदर्य को छूने लगा’ किस दृश्य को देखकर लेखिका का मन काव्यमय हो गया? 

(ग) टुन्नू के मारे जाने का समाचार सुनकर दुलारी की क्या प्रतिक्रिया हुई?  

(घ) साना-साना हाथ जोड़ि. ….. पाठ में लेखिका ने ‘माया’और ‘छाया’का खेल किसे कहा है?  

 

प्र.14. (क) दुपहिया वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?  

              (ख) एक अच्छे नागरिक होने के नाते सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की आप किस प्रकार सहायता करेंगे?

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